Category Archives: Eco-Friendz: Sustainable ecology and prosocial economy

Citizen Science Revolution: How to avoid falling ill during the rains ?

नागरिक विज्ञान क्रांति – बारिश मे बीमारियों से कैसे बचें ?

बारिश का मौसम वैसे तो मज़ेदार है, लेकिन अपने वो साथ कई बीमारियों को भी लेकर आता है.

बारिश मे पानी के भरने के साथ साथ सूक्ष्म जीवों की भी जनसंख्या बढ़ जाती है. इससे हमारे खाने की वस्तुएँ जल्दी सड़ जाते हैं जिसको खाने से हमे दस्त होता है. जब नाले प्लास्टिक के कचरे से भर जाते हैं तो गंदा पानी बाहर आता है और अपने साथ और कई सारे बीमारियों के स्रोत भी. हम जो भी कचरों मे ज़हरीले पदार्थ फेंक देते हैं, जैसे मर्क्युरी (पारा) जो ट्यूब-लाइट और CFL बल्ब मे पाया जाता है, वो सब अम्लीय वर्षा के वजह से रास्तों के और नालों के और यहाँ तक की पीने के पानी मे भी फैलने लगता है. पारा कर्क रोग, त्वचा विकृति और यहाँ तक की मानसिक विकार का भी कारण हो सकता है.

इन सब के उपर बदते गीले कचरे और पानी के वजह से मच्छरों का आतंक और उनके साथ आने वाली मलेरिया!

 

क्या इन सबका कोई सरल बचाव तरीके ?

आसान विज्ञान नागरिक वैज्ञानिक क्रांति मे आपका स्वागत है. बारिश मे बीमारियों से बचने और दूसरों को बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएँ.

१) घर के अंदर अलो वेरा के पौधे लगाना

 

  • अलो वेरा का पौधा हवा मे कार्बन डाइयाक्साइड को अपने अंदर लेकर ऑक्सिजन देता है. इससे मच्छरों का आना भी कम हो जाता है. वो हवा मे कॅन्सर पैदा करने वेल ज़हरीले गैसों को भी कम करता है,
    जो की हमारे रसोई घरों से और टाय्लेट से अक्सर निकलती है. अपने घर के हर कमरे मे अलो वेरा लगाएँ और सॉफ हवा का आनंद ले.
  • अलो वेरा के चमड़े को काटकर उसके अंदर के चिपचिपे जेल को अपने त्वचे मे लगा सकते हैं और मच्छर से खुद को बचा सकते हैं. 
    अगर अलो वेरा जेल का उपयोग करेंगे तो कोई शॅमपू या स्किन क्रीम की ज़रूरत नही!
  • अलो वेरा जेल को आप खा भी सकते हैं जो की विटामिन A,C, E और B12 से संपूर्ण है.
और वैसे भी अलो वेरा को ज़्यादा पानी पसंद नही, तो क्यों ना उनको भी बारिश से बचाएँ और अपने घर के हर कमरे को भर दें ? एक नये हरित क्रांति का शुरुआत अपने घरों से ही शुरू करें!

२) प्लास्टिक का वर्गीकरण और संग्रह

 

हमारे शहरों मे नालों मे पानी भरके बाहर निकालने का कारण है प्लास्टिक. इसीलिए घर के सभी प्लास्टिक कचा जैसे दूध की थैली, चिप्स बिस्कुत के पॅकेट, आदि को एक प्लास्टिक के बॉटल मे घुसा घुसा के भर दें. 
हर घर से लगभग २ किलो हर महीने प्लास्टिक निकलता है. पुणे शहर मे इसका उपयोग फिर से तेल जैसे इर्धन बनाने मे उपयोग हो रहा है तो क्यों ना हम मुंबई मे भी इसे शुरू करें?

३) पुराने CFL और ट्यूब लाइट का सही रूप से नियंत्रण

Image result for mercury cfl

पुराने CFL और ट्यूब लाइट मे मर्क्युरी (पारा) होता है जो की कर्क रोग, त्वचा विकृति और यहाँ तक की मानसिक विकार का भी कारण है, उसे अलग से संग्रह करें. 
ट्यूब लाइट को आप ईको रेको कंपनी (1800 102 1020) से संपर्क करके भेज सकते हैं. CFL के नियंत्रण के लिए मुझे 9029096196 मे वटसपप करें.

४) गीले कचरे से खाद

 

गीले कचरों का फेका जाना अपने आप मे बीमारियों का जड़ है, क्योंकि बारिश मे मखकी मच्छर जो बीमारियाँ फैलते हैं वो गीले कचरे को ख़ाके पनपते हैं. 
घर मे गीले कचरे को खाद मे बदलने के लिए एक ५० लिटेर प्लास्टिक का बकेट लें और इसमे मिट्टी भर दें. जब भी रसोई घर से सबजीतों के छिलके, चाय के पत्ते, आदि निकलता है 
तो उसी इस डब्बे के अंदर मिट्टी मे दफ़ना दें. इससे आपको हर ३ महीने मे खाद से संपूर्ण अच्छी मिट्टी मिलेगी जोकि पेड़ लगाने काम आएगा.

 

विज्ञान का असली मज़ा पढ़ लिखकर नंबर लाने मे नही है, बल्कि उससे मिलने वाले ज्ञान से ज़िंदगी को बेहतर और रोग मुक्त बनाने मे है. 
आशा है आप भी उपर दिए चार प्रयोग करें और बारिश के मौसम मे बीमारिओं से बचें और पूरा आनंद लें!

 

 

Revolution for cleaner environment – 2

(1) स्थायी या शाश्वत उपयोग क्या है ? What is sustainable utilization/usage ?

Ans:

(Source: [World from above HD] https://www.youtube.com/watch?v=fKWQuU0sHPw)

https://www.youtube.com/watch?v=gTamnlXbgqc

शास्वत उपयोग: हमारे प्रकृति के संपत्तियों जैसे पानी, धरती, इर्धन आदि का ऐसा उपयोग जिससे कई 100 सालों तक भी:
– पर्यावरण को कम से कम हानी हो
– प्रदूषण कम से कम हो
– आने वली पीढ़ी के लिए भी वो संपत्ति बना रहे और बचा रहे

Sustainable use: Use of natural resources like water, earth, energy etc in such a way that even of 100s of years:

  • There is minimum damage to natural environment (biodiversity)
  • There is minimum pollution
  • There is enough resources for future generations

 

(2) स्थायी या शाश्वत विकास के उद्धेश्य क्या है ? What are the goals of sustainable development ?

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रमाणित लक्ष्य (https://sustainabledevelopment.un.org/?menu=1300):

लक्ष्य 1. हर जगह अपने सभी रूपों में गरीबी खत्म करो
लक्ष्य 2. भूखमरी का अंत हो, खाद्य सुरक्षा प्राप्त करें और बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दें
लक्ष्य 3. सभी उम्र के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करें और सभी के कल्याण को बढ़ावा दें
लक्ष्य 4. समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी के लिए आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना
लक्ष्य 5. लैंगिक समानता हासिल करना और सभी महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना
लक्ष्य 6. सभी के लिए पानी और स्वच्छता की उपलब्धता और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करें
लक्ष्य 7. सभी के लिए सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करें
लक्ष्य 8. निरंतर, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार और सभी के लिए सभ्य काम को बढ़ावा देना
लक्ष्य 9. लचीला बुनियादी ढांचे का निर्माण, समावेशी और टिकाऊ औद्योगिकीकरण और फोस्टर नवाचार को बढ़ावा देना
लक्ष्य 10. देशों के भीतर और बीच असमानता को कम करें
लक्ष्य 11. शहरों और मानव बस्तियों समावेशी, सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ बनाने
लक्ष्य 12. स्थायी उपभोग और उत्पादन पैटर्न सुनिश्चित करें
लक्ष्य 13. जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करें
लक्ष्य 14. स्थायी विकास के लिए महासागरों, समुद्रों और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और स्थायी रूप से उपयोग करें
लक्ष्य 15. स्थलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों के स्थायी उपयोग को सुरक्षित, पुनर्स्थापित और बढ़ावा देने, जंगलों का प्रबंधन, जंगलों का मुकाबला करना, मरुस्थली का मुकाबला करना, भूमि का क्षरण को रोकना और जैव विविधता के नुकसान को रोकना
लक्ष्य 16. स्थायी विकास के लिए शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों को बढ़ावा देना, सभी के लिए न्याय प्रदान करना और सभी स्तरों पर प्रभावी, जवाबदेह और समावेशी संस्थाएं बनाना
लक्ष्य 17. कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत करना और टिकाऊ विकास के लिए वैश्विक साझेदारी को पुनर्जीवित करना

United Nations Sustainable Development Goals:

  • Goal 1. End poverty in all its forms everywhere
  • Goal 2. End hunger, achieve food security and improved nutrition and promote sustainable agriculture
  • Goal 3. Ensure healthy lives and promote well-being for all at all ages
  • Goal 4. Ensure inclusive and equitable quality education and promote lifelong learning opportunities for all
  • Goal 5. Achieve gender equality and empower all women and girls
  • Goal 6. Ensure availability and sustainable management of water and sanitation for all
  • Goal 7. Ensure access to affordable, reliable, sustainable and modern energy for all
  • Goal 8. Promote sustained, inclusive and sustainable economic growth, full and productive employment and decent work for all
  • Goal 9. Build resilient infrastructure, promote inclusive and sustainable industrialization and foster innovation
  • Goal 10. Reduce inequality within and among countries
  • Goal 11. Make cities and human settlements inclusive, safe, resilient and sustainable
  • Goal 12. Ensure sustainable consumption and production patterns
  • Goal 13. Take urgent action to combat climate change and its impacts
  • Goal 14. Conserve and sustainably use the oceans, seas and marine resources for sustainable development
  • Goal 15. Protect, restore and promote sustainable use of terrestrial ecosystems, sustainably manage forests, combat desertification, and halt and reverse land degradation and halt biodiversity loss
  • Goal 16. Promote peaceful and inclusive societies for sustainable development, provide access to justice for all and build effective, accountable and inclusive institutions at all levels
  • Goal 17. Strengthen the means of implementation and revitalize the global partnership for sustainable development

(3) जल संवर्धन के तीन उपाय लिखिए. Give 3 methods for water conservation.

Ans: जल संवर्धन के ३ उपाय:
१) पानी के नाल को ठीक से बंद करना और कम से कम इस्तेमाल करना
२) बारिश के पानी को संग्रह करना और बचाना
३) पेड़ पौधों के आसपास सूखे पत्ते घास आदि से ढक देना ताकि पानी मिट्टी मे जमा रहे.

water conservation cartoon के लिए इमेज परिणाम

Methods to conserve water are:

  1. Closing taps tightly after use and reducing the amount of water needed for daily use.
  2. Conservation and collection of rain water.
  3. Mulch around plants to hold water in soil.

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(Source: https://www.slideshare.net/elonaanwar/water-conservation-45319066)

(4) दैनिक जीवन मे हम ऊर्जा की बचत कैसे कर सकते हैं ? How can we save energy in our day to day lives ?

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दैनिक ऊर्जा के उपयोग को कम करने के ३ उपाय हैं:
१) ऊर्जा बचत: ज़रूरत ना होने पर विद्युत यंत्रों को बंद कर देना
२) ऊर्जा योग्यता: उन यंत्रों का उपयोग करना जो उसी काम को कम विद्युत उर्जा मे कर देती हैं, उदाहरण Tungsten बल्ब के जगह पर LED का उपयोग
३) अक्षय ऊर्जा स्रोत: सौर उर्जा, वायु उर्जा जैसे साधनों का निर्माण और इस्तेमाल अकरना ताकि कम कार्बन डाइयाक्साइड निर्माण हो.

There are three main ways of saving energy in our day to day lives:

  1. Energy conservation: Switching off electrical devices when not in use
  2. Energy efficiency: Using devices that consume less electricity
  3. Renewable energy: Installing and promoting renewable energy sources like solar power, wind energy etc

(5) जैविक साधन संपत्ति के विनाश के क्या कारण है ? What are the reasons behind destruction of biological resources ?

Ans:

 

१) उपभोगता, लालच और ‘वायरल’ विकास: पिछले ३०० सालों मे लोगों को यह बहकावे मे लिया गया है की वे जितना ज़्यादा से ज़्यादा समान इस्तेमाल करते हैं, जितना ज़्यादा पैसे कमा और खर्च कर सकते हैं वे उतने ही ‘सफल’ और ‘खुश’ होंगे. इसे उपभोगता कहते हैं. इस सिद्धांत ने मनुष्य को ना ही केवल लालची बन रहा है, बल्कि अब लोगों ने लालच को भी अच्छा मान लिया है. इस वजह से इंसान का ‘विकास’ पर्यावरण के विपरीत होकर हद से ज़्यादा हो रहा है जैसे कोई कैंसर की बीमारी हो गयी हो धरती पर. और उस विकास को कायम रखने के लिए जैविक संपत्तियों का जिस गति से निर्माण होना चाहिए उससे तेज़ गति से नाश हो रहा है.

२) भ्रष्टाचार, दूरदर्शिता की कमी और गैर चक्रीय औद्योगिक व्यवस्था: लगभग सभी बड़े और छोटे औद्योगिक खारखाने, भले वे सरकारी हो या प्राइवेट हो, भ्रष्‍टाचार से परेशान है और आस पास के पर्यावरण को भी परेशान कर रहा है. भ्रष्ट उद्योगों मे यह सोच विचार नही होता की उनके काम से आगे आने वाले पीढ़ी को क्या नुकसान होगा. उनको बस अपने जेब भरने से मतलब है, सही और दूर दृष्टि नही है. इस वजह से खारकनों या उद्योगों से निकालने वेल प्रदूषित वस्तुओं का पुनरचक्रिकरण या निराकरण नही होता. हलकी परकृति मे कार्बन नाइट्रोजन और अन्य पधार्थ चक्रीय रूप मे प्रवाह करते हैं, इंसान के बनाए खारखाने इस प्राकृतिक नियम का उल्लानगण करते हैं और आस पास के जीव जंतुओं को नुकसान करवाते हैं.

३) प्रदूषण का असर: प्रदूषण के वजह से हवा के रसायनिक संयोजन मे, तापमान मे, समुंदर की अम्लता मे ऐसे सभी प्राकृतिक संतुलन मे पारिवर्तन आ रहा है और ये परिवर्तन जीव जंतों के लिए हानिकारक हो रहा है.

 

Reason behind destruction of biological resources:

  1. Consumerism, greed and viral growth:
  2. Lack of long term vision and non-cyclic industrial culture:
  3. Pollution:

(6) पर्यावरण चिन्ह क्या है ? What is Eco-mark ?

File:Ecomark2.png

(India Eco Mark)

ईको मार्क या ईको चिन्ह ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टॅंडर्ड्स (BIS) के तरफ से एक प्रमाण चिन्ह है की वो वास्तु को बनाने या इस्तेमाल करने मे पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुँचता हो. यह १९९१ मे शुरू हुआ. ईको मार्क के एक उद्धसी ये भी था की ग्राहकों को पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ें. यह मार्क अलग अलग वस्तुओं सामग्रियों मे होता है और आने वेल वस्तुओं के उत्पादन के लिए भी एक मार्ग दर्शक होता है. अलग अलग देशों का अलग अलग ईको-मार्क होता है.

Ecomark or Eco mark is a certification issued by the Bureau of Indian Standards to products conforming to a set of standards aimed at the least impact on the ecosystem. The marking scheme was started in 1991. One of the purposes of the mark is increasing awareness among the consumers towards reducing environment impact. The mark is issued to various product categories and the development of standards for more products is in progress. Different countries have different eco-marks.

eco mark के लिए इमेज परिणाम

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(7) पुनरचक्रिकरण क्या है ? कोई एक उदाहरण दीजिए. What is recycling. Give two examples.

  1. Recycling of rain water after filtration.
  2. Plastic bottles can be recycled to make new products like comb, chairs etc.

(8) हमारे संविधान मे पर्यावरण के लिए दिए गये प्रावधान को स्पष्ट कीजिए.  Describe the provisions given in our constitution for the environment.

Environmental protection is a fundamental duty of every citizen of this country under Article 51-A(g) of our Constitution which reads as follows,

It shall be the duty of every citizen of India to protect and improve the natural environment including forests, lakes, rivers and wildlife and to have compassion for living creatures.

Right to environment is also a right without which development of individual and realisation of his or her full potential shall not be possible. Articles 21, 14 and 19 of this part have been used for environmental protection.

According to Article 21 of the constitution, “no person shall be deprived of his life or personal liberty except according to procedure established by law”.

Article 48 -A of the constitution says that “the state shall endeavor to protect and improve the environment and to safeguard the forests and wild life of the country”.

Article 47 provides that the State shall regard the raising of the level of nutrition and the standard of living of its people and the improvement of public health as among its primary duties. The improvement of public health also includes the protection and improvement of environment without which public health cannot be assured.

The constitution of India embodies the framework of protection and preservation of nature without which life cannot be enjoyed. The knowledge of constitutional provisions regarding environment protection is need of the day to bring greater public participation, environmental awareness, environmental education and sensitize the people to preserve ecology and environment.

(9) पर्यावरण के लिए प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य क्या है ? What are the fundamental duties of every citizen towards environment ?

 

(10) जलप्रदूषण नियंत्रण के लिए MPCB के दो कार्य बताएँ.  Give two works of Maharashtra Pollution Control Board for preventing water pollution.

 

(11) WBCSD के कार्य बताएँ. List the works of WBCSD.

 

 

A revolution for Cleaner Environment – 1 श्रेष्टटर पर्यावरण के लिए आंदोलन – १

यहा हम ‘विद्या से सामाजिक पुनर्निर्माण’ को विकसित करना चाहते हैं.

Here are trying to develop ‘Education as Social Reconstruction’. To know more click here, here and here.

नीचे दिए गये प्रश्नों का उद्धेश्य है:

  • सभी को प्रेरणा देना ताकि हम अपने आस पास के स्वच्छ पर्यावरण के लिए सक्रिय रूप से भाग लें
  • सक्रिय रूप से काम करने वालों को एक्ज़हुत करके शहर, गाँव, राज्य, देश और विश्व के स्तर पर इस स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन को साथ मिलकर आगे बढ़ाना.
  • और हन! १०वी कक्षा के छात्रों को इससे बोर्ड एग्ज़ॅम मे मदद मिलेगा.

The objective of this series of questions is to:

  • Motivate everyone to actively participate for a cleaner local environment
  • Integrate like minded active participants to bring about city, state, national and international level revolution for cleaner environment
  • And yes. This will help students in 10th standard board exams

इस पोस्ट को आपके दोस्त जो भी स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन मे सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं, और जो भी १०वे कक्षा मे पढ़ते हैं, उनसे प्लीज़ शेर करें

Please share this post to those who are willing to work for clean environment and also for 10th students.

यदि आपके पास कोई आइडिया है, या आपने स्वच्छ पर्यावरण के लिए काम किया है उसके बारे मे प्लीज़ कॉमेंट करें .

Please share your ideas and work for cleaner environment in the comment section.

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१. नीचे लिखे विधान सत्य या असत्य है लिखें और कारण दें. State true or false. Give reason.

 

(1) सिगरेट का धुआँ केवल उसे पीनेवाले के लिए ही नही बल्कि दूसरों के लिए भी हानिकारक होता है.

Cigarette smoke is not only harmful to the person who is smoking, but also to the nearby people. (T/F)

smoking harmful cartoon के लिए इमेज परिणाम

(2) सिगरेट के तुलना मे गाड़ी एवं खारकानों का धुआँ, ठोस कचरे को जलाने से निकालने वाला धुआँ, सेहत के लिए अच्छा होता है!

Compared to cigarrete, smoke from vehicles, industries and burning of municipal waste is good for health! (T/F)

factory smoking cartoon के लिए इमेज परिणाम

(https://www.cartoonstock.com/directory/e/environmental_law.asp)

(3) लगभग सभी शहरी भाग मे हवा प्रदूषण का स्तर ज़्यादा रहता है. (T/F)

Almost all parts of the cities are ‘high’ on air pollution.

city pollution के लिए इमेज परिणाम

(https://ral.ucar.edu/pressroom/features/air-pollution-a-global-problem)

(4) परागकण, जीवाणु, कवक के बिजानू भी वायु को प्रदूषित कर सकती हैं.

Pollen grains, microbes, seeds of spores can also pollute the air. (T/F)

pollen grains pollutant sneezing के लिए इमेज परिणाम

 

(5) नैसर्गिक आपत्ति जैसे बाढ़, जंगल मे आग लगना, ज्वालामुखी आदि से परिसंस्था पर विपरीत परिणाम होता है.

Natural calamities like flood, volcano, forest fire etc can also contribute to damage in environment. (T/F)

 

(6) वैश्विक तापमान मे वृद्धि यह हरितगृह परिणाम की तीव्रता बढ़ाने मे एक अच्छा पहलू है !

Increase in global warming caused by greenhouse gases is good for you! (T/F)

(7) हरित गृह परिणाम का कारण:

The reason for green house effect is:

अ) हृितगृह वायु जैसे कार्बन डाइयाक्साइड और मीथेन आदि जो सूरज के उष्म देने वाली इंफ्रारेड किरणों से उर्जा संग्रह करके तापमान को गरम कर देते हैं.

(a) Because of certain gas molecules like methane and carbon dioxide, absorbing and retaining heat causing infra red radiation from the sun and heating up the earth’s atmosphere

(ब) जब हम किसी हारे भरे घर मे जाते हैं तो खुशी मिलती है ये परिणाम

(b) The happy feeling you get when you enter a green house

(क) हृितगृह वायु जैसे ऑक्सिजन और नाइट्रोजन आदि जो सूरज के उष्म देने वाली इंफ्रारेड किरणों से उर्जा संग्रह करके तापमान को गरम कर देते हैं.

(c) Because of certain gas molecules like nitrogen and oxygen, absorbing and retaining heat causing infra red radiation from the sun and heating up the earth’s atmosphere

(द) जब हम किसी हारे भरे घर मे जाते हैं तो दुखी हो जाते हैं ये परिणाम

(d) The sad feeling you get when you enter a green house

 

 

Eco friendly Fungus

वैसे तो इस धरती मे हर प्राणी, अपने आस पास के माहौल मे कैसे भी जिंदा रहने के लिए और अपने पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करते रहते है.
इसे survival of the fittest कहते हैं.

लेकिन कुछ प्राणी ऐसे भी हैं जो इस बदलते संसार मे ऐसी नयी शक्ति लेकर आते हैं जो इससे पहले कभी न मिला हो. ऐसे अचानक से होने वाले परिवर्तन को कहते हैं Mutation! ये म्युटेशन अच्छी हो या बुरी, इसके पीछे कोई ना कोई मज़बूरी तो ज़रूर होगी.

कुछ ऐसा ही हुआ जब बंबई महानगर के सबसे बड़ा कूड़ा दान देवनर डमपिंग ग्राउंड मे, सालों साल से दबे हुए कचरे के पहाड़ मे, एक सफाई कर्मचारी ने मॉडर्न म्युटेशन के ऐसा चमत्कारी नमूना देखा! उन्होने देखा की एक फंगस की प्रजाति ने घास-फूस फल सब्ज़ी छोड़कर प्लास्टिक खाना शुरू कर दिया है! वे दिखने मे भी इतने सुंदर थे जैसे बारिश मे छोटे बच्चों के रंग बिरंगे छतरी!

वो सफाई कर्मचारी, अनिल यादव, कोई मामूली सफाइवाले नही थे जो मज़बूरी मे इस काम को करते थे. बल्कि वेस्ट-मॅनेज्मेंट मे शोध करने वाले उसी बस्ती के २६ साल के वे युवा वैज्ञानिक थे. हालाकी उनका बी.एम.सी के बिगड़े हुए बाबुओं के साथ ३६ का आखड़ा रहता था, लेकिन खुद्रत से, खुद से और आस पास के लोगों से गहरा अटूट रिश्ता था. जब रोज़ाना मामूली काम ख़तम हो जाता था तो बाकी समय वे लोगों को पर्यावरण के बारे मे जागृत करने, और रात भर विज्ञान, समाज शस्त्र आदि पढ़ने मे लगा देते थे.

अलग अलग पर्यावरण के बारे मे, और विभिन्न जीव जंतुओं के बारे मे वे रसायनिक तौर से एक दम अच्छे से वाकिफ़ थे…शायद इसीलिए जैसे ही उन्होने इस खुद्रती चमत्कार को देखा उनकी आँखें खुशी और उम्मीद से भर आई! अगर वे जीवन चक्र के आंतरिक रहस्यों से अंजान होते तो उनके लिए ये अद्बूत नज़ारा आँखों के सामने होते हुए भी अदृश्य होता!

जब वैज्ञानिकों को इनके खोज का पता चला तो पूरे विश्व मे हंगामा हो गया! और शोध करने पर ये पता चला की जितना सुंदर उस फंगस का रूप था उससे और भी सुंदर उसका कम! प्लास्टिक खाने वाले फंगस ना ही इस धीरकालीन प्रदूषक को ख़त्म करते थे, वे उन पदार्थों को पेड़ पौधों के लिए खाद मे भी परिवर्तित कर देते थे! एक तीर से दो निशान!

कुछ हाल फिलहाल मे लोगों को प्लास्टिक की ऐसी लत लग चुकी है की उसके उपयोग का बंद होना तो लगभग नामुमकिन है.
‘बिकम ईको फ्रेंड्ली’, ‘से नो टू प्लास्टिक’ जैसे नारे तो बच्चों मे प्रसिद्ध हो रहे थे लेकिन कई सालों से प्रथा चली आ रही है की जैसे बच्चे बड़े होते हैं तो न्याय-धर्म, आपस मे परस्पर प्रेम जैसे पाठ को भूलकर उसके ठीक उल्टा लोभ और स्वार्थ को ही समझदारी और होशियारी समझते हैं.
नोट बंदी के वजह से तमाम दिक्कतें हुई होंगी पर प्लास्टिक बंद करने के लिए ना पेट्रोकेमिकल उद्योग तैयार है, ना सरकार और न ही आम जनता.

लेकिन अनिल जानते थे की भले केंद्र मे, या राज्य मे, या नगर पालिका मे
कोई भी सरकार आए या जाए,
(भला हो जब आर्थिक-राजनीतिक षड्यंत्र से तमाम लोगों को आज़ादी मिल जाए),
अगर इस ईको-फ्रेंड्ली फंगस का साथ हो,
और इसके अनोखे हरकतों के बारे मे तमाम जानकारी पाने वाले शोध का विकास हो,
तो आम लोगों के और इस सुंदर पृथ्वी के अन्य प्यारे जीवों के लिए,
अच्छे दिन ज़रूर आएँगे!

http://indiatoday.intoday.in/education/story/plastic-eating-fungus/1/921074.html

When an ‘Abhiyaan’ is not enough: Students of Samta Hindi Vidyalaya launch Swatch Turbhe Andolan

 

 

 

This is the beginning of Swatch Turbhe Andolan. It was not a one day event, but a perennial movement for better environment; fresh air, potable water and cleaner land.

We aspire to collaborate with all like minded communities, scientists, environmentalists, doctors, social workers, local community leaders, schools and colleges, and all common citizens with the aim of upgrading our popular Swatch Bharat Abhiyaan to a more powerful and purposeful Swatch Bharat Andolan!

Want to connect with us for a Swatchta andolan at your place ? Kindly contact the promoters and supporters:

Asan Vigyan: www.asanvigyan.in

Educators for Equality: www.edufe.org