A revolution for Cleaner Environment – 1 श्रेष्टटर पर्यावरण के लिए आंदोलन – १

यहा हम ‘विद्या से सामाजिक पुनर्निर्माण’ को विकसित करना चाहते हैं.

Here are trying to develop ‘Education as Social Reconstruction’. To know more click here, here and here.

नीचे दिए गये प्रश्नों का उद्धेश्य है:

  • सभी को प्रेरणा देना ताकि हम अपने आस पास के स्वच्छ पर्यावरण के लिए सक्रिय रूप से भाग लें
  • सक्रिय रूप से काम करने वालों को एक्ज़हुत करके शहर, गाँव, राज्य, देश और विश्व के स्तर पर इस स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन को साथ मिलकर आगे बढ़ाना.
  • और हन! १०वी कक्षा के छात्रों को इससे बोर्ड एग्ज़ॅम मे मदद मिलेगा.

The objective of this series of questions is to:

  • Motivate everyone to actively participate for a cleaner local environment
  • Integrate like minded active participants to bring about city, state, national and international level revolution for cleaner environment
  • And yes. This will help students in 10th standard board exams

इस पोस्ट को आपके दोस्त जो भी स्वच्छ पर्यावरण आंदोलन मे सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं, और जो भी १०वे कक्षा मे पढ़ते हैं, उनसे प्लीज़ शेर करें

Please share this post to those who are willing to work for clean environment and also for 10th students.

यदि आपके पास कोई आइडिया है, या आपने स्वच्छ पर्यावरण के लिए काम किया है उसके बारे मे प्लीज़ कॉमेंट करें .

Please share your ideas and work for cleaner environment in the comment section.

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१. नीचे लिखे विधान सत्य या असत्य है लिखें और कारण दें. State true or false. Give reason.

 

(1) सिगरेट का धुआँ केवल उसे पीनेवाले के लिए ही नही बल्कि दूसरों के लिए भी हानिकारक होता है.

Cigarette smoke is not only harmful to the person who is smoking, but also to the nearby people. (T/F)

smoking harmful cartoon के लिए इमेज परिणाम

(2) सिगरेट के तुलना मे गाड़ी एवं खारकानों का धुआँ, ठोस कचरे को जलाने से निकालने वाला धुआँ, सेहत के लिए अच्छा होता है!

Compared to cigarrete, smoke from vehicles, industries and burning of municipal waste is good for health! (T/F)

factory smoking cartoon के लिए इमेज परिणाम

(https://www.cartoonstock.com/directory/e/environmental_law.asp)

(3) लगभग सभी शहरी भाग मे हवा प्रदूषण का स्तर ज़्यादा रहता है. (T/F)

Almost all parts of the cities are ‘high’ on air pollution.

city pollution के लिए इमेज परिणाम

(https://ral.ucar.edu/pressroom/features/air-pollution-a-global-problem)

(4) परागकण, जीवाणु, कवक के बिजानू भी वायु को प्रदूषित कर सकती हैं.

Pollen grains, microbes, seeds of spores can also pollute the air. (T/F)

pollen grains pollutant sneezing के लिए इमेज परिणाम

 

(5) नैसर्गिक आपत्ति जैसे बाढ़, जंगल मे आग लगना, ज्वालामुखी आदि से परिसंस्था पर विपरीत परिणाम होता है.

Natural calamities like flood, volcano, forest fire etc can also contribute to damage in environment. (T/F)

 

(6) वैश्विक तापमान मे वृद्धि यह हरितगृह परिणाम की तीव्रता बढ़ाने मे एक अच्छा पहलू है !

Increase in global warming caused by greenhouse gases is good for you! (T/F)

(7) हरित गृह परिणाम का कारण:

The reason for green house effect is:

अ) हृितगृह वायु जैसे कार्बन डाइयाक्साइड और मीथेन आदि जो सूरज के उष्म देने वाली इंफ्रारेड किरणों से उर्जा संग्रह करके तापमान को गरम कर देते हैं.

(a) Because of certain gas molecules like methane and carbon dioxide, absorbing and retaining heat causing infra red radiation from the sun and heating up the earth’s atmosphere

(ब) जब हम किसी हारे भरे घर मे जाते हैं तो खुशी मिलती है ये परिणाम

(b) The happy feeling you get when you enter a green house

(क) हृितगृह वायु जैसे ऑक्सिजन और नाइट्रोजन आदि जो सूरज के उष्म देने वाली इंफ्रारेड किरणों से उर्जा संग्रह करके तापमान को गरम कर देते हैं.

(c) Because of certain gas molecules like nitrogen and oxygen, absorbing and retaining heat causing infra red radiation from the sun and heating up the earth’s atmosphere

(द) जब हम किसी हारे भरे घर मे जाते हैं तो दुखी हो जाते हैं ये परिणाम

(d) The sad feeling you get when you enter a green house

 

 

Chemical Evolution – Molecules of Life

 

 

 

 

 

 

 

 

Chemical Evolution – Molecules of Life 

” मैं यहाँ पड़े पड़े सड़ने नही वाला! कितने अजीब अजीब से हैं यहाँ सब!

I am not going to waste myself here! How weird everyone is over here.

और कैसे ये रंग बदलते रहते हैं! मुझे अपनों का साथ चाहिए !

And how they keep changing colors! I want company of someone like me.

हम जैसे हज़ारों एक साथ जीएँगे. जो हम जैसे ना हो उनका क्या ?

1000s like me will join and live together. What about those who are not like us ?

क्या वो हमारे साथ है की नही ? हमारे साथ है वो भी जीएँगे!

Are they with us or against us ? If they are with us, they may live

वरना उनकी खैर नही! भाड़ मे जाए! ”

Else to hell with them!”

मन मे ये बात ठान लिए चल दिया बंजारा घुमराह! घाना अंधेरा!

Determined from within, they left, lost and wandering. Deep darkness.

किसी गहरे समुंदर के सतह पर ज्वालामुखी के ऊष्णता से खुद मे जोश भरता हुआ!

Taking fire from some undersea volcanoes, erupting up, riding with their heat.

वहाँ बनते गैस के बुलबुलों के सहारे पत्थरों के बीच पतली पतली दरारें बनाकर.

Surfing on the gas bubbles, making cracks and crevices through rocks and rubbles.

वो निकल पड़ा खुद को संभालकर उसका पानी मे डूबा हुआ सिर

He left for a crazy journey, bracing carefully, his with head inside water

और उसके सिर से सीधे जुड़ा हुआ

And his body attached

किसी पानी से निकाली गयी ज़िंदा मछली की तरह तड़प्ता हुआ लंबा सा पूंछ.

wiggling like a live fish thrown just out of water.

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Inspired by : Chemical Evolution (https://www.richarddawkins.net/2015/05/how-chemical-evolution-may-help-us-discover-the-origins-of-life/)

Stated Clearly: Chemical Evolution Video

 

Eco friendly Fungus

वैसे तो इस धरती मे हर प्राणी, अपने आस पास के माहौल मे कैसे भी जिंदा रहने के लिए और अपने पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करते रहते है.
इसे survival of the fittest कहते हैं.

लेकिन कुछ प्राणी ऐसे भी हैं जो इस बदलते संसार मे ऐसी नयी शक्ति लेकर आते हैं जो इससे पहले कभी न मिला हो. ऐसे अचानक से होने वाले परिवर्तन को कहते हैं Mutation! ये म्युटेशन अच्छी हो या बुरी, इसके पीछे कोई ना कोई मज़बूरी तो ज़रूर होगी.

कुछ ऐसा ही हुआ जब बंबई महानगर के सबसे बड़ा कूड़ा दान देवनर डमपिंग ग्राउंड मे, सालों साल से दबे हुए कचरे के पहाड़ मे, एक सफाई कर्मचारी ने मॉडर्न म्युटेशन के ऐसा चमत्कारी नमूना देखा! उन्होने देखा की एक फंगस की प्रजाति ने घास-फूस फल सब्ज़ी छोड़कर प्लास्टिक खाना शुरू कर दिया है! वे दिखने मे भी इतने सुंदर थे जैसे बारिश मे छोटे बच्चों के रंग बिरंगे छतरी!

वो सफाई कर्मचारी, अनिल यादव, कोई मामूली सफाइवाले नही थे जो मज़बूरी मे इस काम को करते थे. बल्कि वेस्ट-मॅनेज्मेंट मे शोध करने वाले उसी बस्ती के २६ साल के वे युवा वैज्ञानिक थे. हालाकी उनका बी.एम.सी के बिगड़े हुए बाबुओं के साथ ३६ का आखड़ा रहता था, लेकिन खुद्रत से, खुद से और आस पास के लोगों से गहरा अटूट रिश्ता था. जब रोज़ाना मामूली काम ख़तम हो जाता था तो बाकी समय वे लोगों को पर्यावरण के बारे मे जागृत करने, और रात भर विज्ञान, समाज शस्त्र आदि पढ़ने मे लगा देते थे.

अलग अलग पर्यावरण के बारे मे, और विभिन्न जीव जंतुओं के बारे मे वे रसायनिक तौर से एक दम अच्छे से वाकिफ़ थे…शायद इसीलिए जैसे ही उन्होने इस खुद्रती चमत्कार को देखा उनकी आँखें खुशी और उम्मीद से भर आई! अगर वे जीवन चक्र के आंतरिक रहस्यों से अंजान होते तो उनके लिए ये अद्बूत नज़ारा आँखों के सामने होते हुए भी अदृश्य होता!

जब वैज्ञानिकों को इनके खोज का पता चला तो पूरे विश्व मे हंगामा हो गया! और शोध करने पर ये पता चला की जितना सुंदर उस फंगस का रूप था उससे और भी सुंदर उसका कम! प्लास्टिक खाने वाले फंगस ना ही इस धीरकालीन प्रदूषक को ख़त्म करते थे, वे उन पदार्थों को पेड़ पौधों के लिए खाद मे भी परिवर्तित कर देते थे! एक तीर से दो निशान!

कुछ हाल फिलहाल मे लोगों को प्लास्टिक की ऐसी लत लग चुकी है की उसके उपयोग का बंद होना तो लगभग नामुमकिन है.
‘बिकम ईको फ्रेंड्ली’, ‘से नो टू प्लास्टिक’ जैसे नारे तो बच्चों मे प्रसिद्ध हो रहे थे लेकिन कई सालों से प्रथा चली आ रही है की जैसे बच्चे बड़े होते हैं तो न्याय-धर्म, आपस मे परस्पर प्रेम जैसे पाठ को भूलकर उसके ठीक उल्टा लोभ और स्वार्थ को ही समझदारी और होशियारी समझते हैं.
नोट बंदी के वजह से तमाम दिक्कतें हुई होंगी पर प्लास्टिक बंद करने के लिए ना पेट्रोकेमिकल उद्योग तैयार है, ना सरकार और न ही आम जनता.

लेकिन अनिल जानते थे की भले केंद्र मे, या राज्य मे, या नगर पालिका मे
कोई भी सरकार आए या जाए,
(भला हो जब आर्थिक-राजनीतिक षड्यंत्र से तमाम लोगों को आज़ादी मिल जाए),
अगर इस ईको-फ्रेंड्ली फंगस का साथ हो,
और इसके अनोखे हरकतों के बारे मे तमाम जानकारी पाने वाले शोध का विकास हो,
तो आम लोगों के और इस सुंदर पृथ्वी के अन्य प्यारे जीवों के लिए,
अच्छे दिन ज़रूर आएँगे!

http://indiatoday.intoday.in/education/story/plastic-eating-fungus/1/921074.html

When an ‘Abhiyaan’ is not enough: Students of Samta Hindi Vidyalaya launch Swatch Turbhe Andolan

 

 

 

This is the beginning of Swatch Turbhe Andolan. It was not a one day event, but a perennial movement for better environment; fresh air, potable water and cleaner land.

We aspire to collaborate with all like minded communities, scientists, environmentalists, doctors, social workers, local community leaders, schools and colleges, and all common citizens with the aim of upgrading our popular Swatch Bharat Abhiyaan to a more powerful and purposeful Swatch Bharat Andolan!

Want to connect with us for a Swatchta andolan at your place ? Kindly contact the promoters and supporters:

Asan Vigyan: www.asanvigyan.in

Educators for Equality: www.edufe.org

 

 

 

 

 

You can’t kill the metal!

चलो एक सफ़र मे अपने कल्पना की उड़ान, ( Lets take a ride on our flight of imagination)
एक ऐसा जहाँ जिसमे ना हो धातुओं का नामो निशान! ( To a place where metals are totally out of equation!)

क्या होगा ऐसे जहाँ मे और कैसे हम जिएं? ( What will happen there and how are we gonna live ?)
धातु के सभी गुण को कैसे अधातु ले लिए ?(Can non-metals take all properties that metals used to give ?)

क्या रूई के धागों से बिजली गुज़र पाएगी ? (Will an electric current pass freely through a thread of cotton?)
या लकड़ी के घंटे से ज़ोरों की गूँज आएगी ? (Or a wooden gong generate such a sonorous vibration?)

क्या गाड़ियों के हिस्से सब मिट्टी के होते ? (Or will the parts of cars be made of clay ?)
आपस मे टकराने से वे तो ठक से ही टूटते ! (On crashing with each other they easily break away!)

Image result for world without metals meme

 

DIY Neem Clove Mosquito Repellant

neem के लिए चित्र परिणामclove के लिए चित्र परिणाम

WATER BASED

  1. Take 10 neem leaves and 10 clove and boil then in 200 ml water for 10 min.
  2. Filter the leaves and clove buds. Those who developed a rare taste for the bitterness of neem can eat the leaves with clove! Else they can be thrown away for composting.
  3. Take the solution in a spray bottle and spray it near your bed sheets, window screen and pillows. Spray it at local water bodies that might be breeding mosquitoes. Observe any changes in mosquito activity if any.

OIL BASED

  1. Take 10 neem leaves and 10 clove buds in 100 ml coconut oil, stir and heat them for 10 min
  2. Decant the oil and apply it over skin or clothes for protection from neem.
  3. You can empty the commercial mosquito repellent and refuel the bottle with neem clove oil.
  4. Spill it over stagnant water bodies to prevent mosquito breeding.

DIY – NEEM CREAM

If any of them worked or not, please do share your experiences and feedbacks!

Web resources to refer to:

(http://healthindian.com/neem-benefits-in-hindi/)

(https://www.organicfacts.net/health-benefits/herbs-and-spices/health-benefits-of-cloves.html)

(http://www.asianhealthsecrets.com/mosquitos-hate-eucalyptus-clove-menthol-and-camphor/)

(http://www.imedpub.com/articles/production-of-natural-insecticide-from-neem-leaves-azadirachta-indica.pdf)

Chirkut – The Nano Warrior

(Inspired by “Plenty of Room for Biology at the Bottom – An Introduction to Bionanotechnology; Ehud Gazit”)

“छोटा बच्चा समझके मुझे कम न मापना ! मैं इतना छोटा हूँ की तुम देख भी नही सकते!”

“Don’t count me less just because I am small! I am so small that you cannot even see!”

“लेकिन मैं तुम्हे डूंड लूँगा! हा! हा! एक और जानलेवा हमला!”

“But I can find you! Ha! Ha! One more deadly attack!”

चिरकूट के नानो साइज़्ड दिमाग़ मे यही चल रहा था जब उसे तुरंत एमर्जेन्सी हालात मे राजीव के कॅन्सर युक्त खून मे भेजा गया था.

Chirkut’s nano sized brain was buzzing with these thoughts when he was immediately sent into Rajiv’s cancer infested blood in emergency.

चिरकूट आर्टिफीशियली इंटेलिजेंट नानो वॉरईयर है जिसका जन्म कॅन्सर सेल्स को खून मे डूंड डूंड के मारने के लिए ही हुआ.

Chirkut is an artificially intelligent Nano-warrior, taking birth just to find and kill cancer cells in the blood.

चिरकूट अपने पूर्वजों से अलग है. उसके पूर्वज भी लड़ाकू थे लेकिन उन्हे बाइ डिज़ाइन शहीद होना पड़ता था. उनमे इतनी केमिकल समझदारी नही थी.

Chirkut was different from it’s predecessors. They were also fighters but by design the had to be martyred; not possessing enough chemical intelligence.

चिरकूट समझदार है, वो शहीद होने नही, सिकंदर बनने के लिए आया है!

Chirkut is intelligent. He didn’t come to die as a martyr, but to live as a victor!

Element No.1 Hydrogen

Hydrogen, literally meaning “generated from water” (2 H2 O –> H2 + O2) is the simplest and the most abundant of all atoms in this universe (74% of all matter).

They fuse together (nuclear fusion) and make all the stars shine. This makes it the basic raw material of all the other ‘matter’: element, compound molecules and life in general.

More on that awesomeness later. Let’s first see it’s chemistry. Trust me it’s no less wonderful!

Hydrogen atom has one proton and one electron.

When two hydrogen atoms bond with each other, they form an explosive gas H2. The ‘explosion’ in the air is basically oxidation of H2 by oxygen gas, and the product being water and heat.

  • But why did the heat come out ?

Heat coming out is an indication that some excess energy in the system has finally found it’s ‘release’ in the form of heat, so the product formed will have lesser potential energy than the reactant. Well water is pretty darn stable.

  • What makes water stable ?

Water is a polar compound with polar bonds. As in, oxygen and hydrogen in them don’t share electrons equally. Oxygen pulls electrons away from hydrogen, thus creating a small ‘+ive’ charge on hydrogen atoms and a small ‘-ive’ charge onto itself. Not only is the bond polar, even the whole compound retains ‘polarity’ in electric charge. Since oxygen itself has two pairs of its own electrons to accommodate, the hydrogen bonded to it are not exactly opposite to each other, thus making the entire molecule polar.

  • Why oxygen pull electrons from hydrogen in the water molecule ? Who else can also do that ?

Nitrogen, Oxygen and Fluorine have 3, 2 and 1 vacant spaces in the in the 2nd shell p-orbital. 2p is pretty close to the nucleus having 7,8, and 9 protons for N, O and F respectively. So whenever N, O and F bonds with other elements, especially metals or metal-like like atoms which are ready to give electrons away, they pull the electrons more than their ‘fair’ equal share.

  • Did oxygen pull the electron or hydrogen gave it away to nitrogen, oxygen or fluorine seeing their peculiar desperation to bond and still keep electrons towards themselves? What’s in it for hydrogen?

Well, whether oxygen pulled it or hydrogen gave the electron away can be a matter of debate, but one can surely say that the atoms now got close to each other due to the attraction between the opposite charges. Now H and O are closer to each other and together happily, so it must have been a mutual decision.

In fact it makes hydrogen so happy that, for example breaking oxygen and hydrogen apart from water would take quite some energy (241 kJ/mol for water vapour and 285 kJ/mol for liquid water).

That’s hydrogen bond for you;

making water’s property unique, uniquely bonding with each other;

making it’s liquid state quite stable over a good range of temperature and pressure.

And luckily, our earth seems to be situated at the ‘Goldilock Zone’ from the Sun. (Sun again is where hydrogen is busy fusing and forming all other elements, the star-stuff).

Not only that, the earth thankfully has the right atmosphere (so far, unless we mess around too much), so unique that water in it’s surface at 273 to 323 K is in a liquid medium. A stable ‘polar’ solvent like water serves as a perfect breeding ground for formation and transformation of millions of molecules, ions, ligands and metal complexes, including all those involved playing ‘life/death’.

Hydrogen is an integral part of all living beings known so far; not only just flowing in them as water molecules. It forms myriads of molecules by bonding with carbon thereby creating a huge family of hydrocarbons. Branching out from these hydrocarbons are those who have ‘changed their lineage’ or we can say got ‘functionalized’ by groups of atoms containing nitrogen, oxygen, sulphur etc; at one spot in the chain or many; and thus generating the whole organic universe.

Understanding and solving hydrogen spectrum paved way to the birth of quantum physics and connected fundamental physics and chemistry.

Generating energy by capturing and storing hydrogen can pave way as an alternative to carbon based fossil fuels.

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